रविवार, 16 अक्टूबर 2016

साहित्यश्री-3//10//आशा देशमुख

विषय __जय माता दी
जय माता दी जय माता दी
दुनियाँ तुम्हे पुकारे माँ,
हाँथ जोर सब भक्त खड़े हैं ,
गूँज रहे जयकारे माँ |
आदिशक्ति हे मातु अम्बिके ,
अजा अनंता कल्याणी ,
माया विद्या उमा अपर्णा ,
कामाक्षा हे शिवरानी |
वेद ऋचाएँ मंगल गाएं ,आरत साँझ सकारे माँ |
जय माता दी जय माता दी,दुनियाँ तुम्हे पुकारे माँ |
अष्टभुजी पर्वतनिवासिनी
शैलसुता ज्ञाना गौरी ,
मातंगी वनदुर्गा चित्रा
युवती प्रौढ़ा कैशोरी |
बहुरूपा हे मंगलकरनी ,मुदिता दृष्टि निहारे माँ |
जय माता दी जय माता दी ,दुनियाँ तुम्हे पुकारे माँ |
शूल धारणी पाप नाशनी
कालि कराली विकराली ,
त्रिनेत्रा वाराही पाटला
रौद्रमुखी हे बलशाली |
असुरमर्दिनी भवभयहरणी ,भक्तो के दुख टारे माँ |
जय माता दी जय माता दी ,दुनियाँ तुम्हे पुकारे माँ |
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आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
13 -10-2016 ....गुरुवार

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