मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016

साहित्यश्री-3//3//गुमान प्रसाद साहू

विषय - जय माता दी
शिर्षक-"जय माता दी बोलते चलो"
जय माता दी बोलते चलो, भक्तों मैय्या के द्वारे।
दूर करेंगी माँ शेरावाली, सब दूख दर्द को हमारे।
ऊँचे पहाड़ो में हैं बसी, मैय्या द्वार सजाये।
भक्त सभी सीढ़ियाँ चढ़के, दर्शन करने आये।
बम्लेश्वरी,दंतेश्वरी,वैष्णोदेवी, इन्ही के नाम हैं सारे।
जय माता दी बोलते चलो, भक्तों मैय्या के द्वारे।
बच्चें है हम सब उनके, ओ है माता हमारी।
एक बराबर सब उनके लिए, राजा रंक भिखारी।
भर देंगी माँ ज्योतावाली भक्तों, खाली झोली हमारे।
जय माता दी बोलते चलो, भक्तों मैय्या के द्वारे।
भक्त जनों पर पड़ा है, जब जब भी संकट भारी।
दानवों को मार गिराने, ली है मैय्या ने अवतारी।
पहाड़ा वाली की लगाते चलो, भक्तों सभी जयकारे।
जय माता दी बोलते चलो, भक्तों मैय्या के द्वारे।
रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा (महानदी)
मो. :- 9977313968
जिला-रायपुर(छत्तीसगढ़)

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