जय माता दी.....
चाहे शीतल छांव हो या फिर खिलती धुप में
कण कण में विराजित है माँ दुर्गा कई रूप में
तेरी हर मुराद पूरी होगी यहां,मांग ले बन्दे
बस जयकारा लगा "जय माता दी" बोल...
कण कण में विराजित है माँ दुर्गा कई रूप में
तेरी हर मुराद पूरी होगी यहां,मांग ले बन्दे
बस जयकारा लगा "जय माता दी" बोल...
फिक्र क्यों करता है इस नश्वर काया की
बेड़ियों में क्यों जकड़ा है मोह माया की
धन्य हो जायेगा,जो माँ के दर्शन पायेगा
ध्यान लगा बस,अंतर्मन के पट खोल...
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल...
बेड़ियों में क्यों जकड़ा है मोह माया की
धन्य हो जायेगा,जो माँ के दर्शन पायेगा
ध्यान लगा बस,अंतर्मन के पट खोल...
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल...
डूब जा भक्ति भाव में,तू सफल हो जायेगा
मन तेरा,पवित्र पावन निश्छल हो जायेगा
परमार्थ का काज कर,व्यर्थ ना गवां इसे
औरो के काम आ,ये जीवन है अनमोल....
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल...
मन तेरा,पवित्र पावन निश्छल हो जायेगा
परमार्थ का काज कर,व्यर्थ ना गवां इसे
औरो के काम आ,ये जीवन है अनमोल....
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल...
माँ के दरबार में बस मांगने चला आता है
तू नई हसरत,नई मन्नत लिये चला आता है
श्रद्धा में भी,तेरा स्वार्थ छुपा कहीँ ना कहीँ
निश्वार्थ क्या किया अपने अंदर भी टटोल...
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल...
तू नई हसरत,नई मन्नत लिये चला आता है
श्रद्धा में भी,तेरा स्वार्थ छुपा कहीँ ना कहीँ
निश्वार्थ क्या किया अपने अंदर भी टटोल...
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल...
अरे माँ तो सबको सहारा देती है
सबको जीने का गुजारा देती है
इंसानियत का धरम पहले निभा
मानवता के तराजू में खुद को तौल....
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल....
सबको जीने का गुजारा देती है
इंसानियत का धरम पहले निभा
मानवता के तराजू में खुद को तौल....
बस जयकारा लगा"जय माता दी"बोल....
*रचना*
देवेन्द्र कुमार ध्रुव (डी आर)
फुटहा करम बेलर
जिला गरियाबंद (छ ग)
देवेन्द्र कुमार ध्रुव (डी आर)
फुटहा करम बेलर
जिला गरियाबंद (छ ग)
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