करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
आये हैं शरण में हाथ पसारे,
काटो हमारे सब क्लेष।
हे प्रथम पूज्य गणेश।
आये हैं शरण में हाथ पसारे,
काटो हमारे सब क्लेष।
शिव पार्वती के तुम हो दूलारे,
करते हो मूषक सवारी।
एकदंत तुम गज आनन धारे,
मोदक है तुमको प्यारी।
लम्बोदर तुम हो मंगलकर्ता,
कहलाते हो तुम्ही विघ्नेश।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
करते हो मूषक सवारी।
एकदंत तुम गज आनन धारे,
मोदक है तुमको प्यारी।
लम्बोदर तुम हो मंगलकर्ता,
कहलाते हो तुम्ही विघ्नेश।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
सबके भाग्य के तुम हो विधाता,
रिद्धी सिद्धी के तुम स्वामी हो।
बल और बुद्धि के तुम हो दाता,
हम अज्ञानी तुम अंतर्यामी हो।
सबसे पहले पूजते है तुमको,
देवो में तुम हो विशेष।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
रिद्धी सिद्धी के तुम स्वामी हो।
बल और बुद्धि के तुम हो दाता,
हम अज्ञानी तुम अंतर्यामी हो।
सबसे पहले पूजते है तुमको,
देवो में तुम हो विशेष।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
बढ़ रहा है पाप आज धरा पर,
बढ़ रहे है दूराचारी।
बोझिल होती जा रही ये धरती,
पापीयो से देवा भारी।
लेके जनम फिर से आ जाओ,
बदलो इसका परिवेश।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
बढ़ रहे है दूराचारी।
बोझिल होती जा रही ये धरती,
पापीयो से देवा भारी।
लेके जनम फिर से आ जाओ,
बदलो इसका परिवेश।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
जिसने जो मांगा उसने वो पाया,
शरण में तुम्हारे आके।
हम भी आये है चरणो में तुम्हारे,
देवा झोलीया फैलाके।
भवसागर से नैय्या पार लगादो,
रहे मन मे न कोई क्लेष।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
शरण में तुम्हारे आके।
हम भी आये है चरणो में तुम्हारे,
देवा झोलीया फैलाके।
भवसागर से नैय्या पार लगादो,
रहे मन मे न कोई क्लेष।
करते हैं वंदन हम सब तुम्हारे,
हे प्रथम पूज्य गणेश।
रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा ( महानदी )
मो. :- 9977313968
जिला-रायपुर छग
ग्राम-समोदा ( महानदी )
मो. :- 9977313968
जिला-रायपुर छग
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