गुरुवार, 8 सितंबर 2016

साहित्यश्री-1//8//चैतन्य जितेन्द्र तिवारी

...हे गणपती महराज...........
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प्रथम पूजन तुमको ही हे गणपती महाराज
प्रथम निमंत्रण आपको हे पार्वती गणराज
एक दन्त वक्रतुण्ड सुपकर्ण गज महाकाय
शिवसुताय गजानन हे पार्वती प्रिय पुत्राय
मंगलकरण विघ्नहरण हे गौरीसुत गणेशाय
ऋद्धि सिद्धि संग विराजौ हे शैलप्रिय पुत्राय
निर्विघ्न करौ सब कार्य हे विघ्नेश्वर दो वरदाय
अरज हमरी सब पूर्ण हो हे गजवदन लम्बोदराय
भादो मॉस की शुक्ल चतुर्थी जनम भयो महाराज
शिवशक्ति उर आनंद बसे जब आप भयो गणराज
अपने भक्त दुखियन के दुःख हरौ सब सुंदर आज
मनवांछित मनोकामना पूर्ण करौ सब सुंदर काज
CR
चैतन्य जितेन्द्र तिवारी
थान खम्हरिया(बेमेतरा)

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