रविवार, 11 सितंबर 2016

साहित्यश्री-1//10//आशा देशमुख

विषय ...प्रथम पूज्य गणेश
प्रार्थना सुन लो प्रभो हे अब जगत से तम हरो 
एकदंता शुभनियंता
शिवतनय गणनायका ,
शोकहर्ता भाग्यकर्ता
रिद्धि-सिद्धि प्रदायका |
कोटि रवि सम हे प्रभाकर ,
ज्ञान से हर धीं भरो |
प्रार्थना सुन लो प्रभो हे अब जगत से तम हरो |
गुणसदन हे गजबदन
शुभ शांति बुद्धिनिकेतना ,
दंडधारी शुभंकारी
प्राण मेधा चेतना ,
आदि पूजित देव देवा
स्वस्ति शुभ जग में करो |
प्रार्थना सुन लो प्रभो हे अब जगत से तम हरो |
सूर्यकर्णा विरद चरणा
श्री शुभम मुंदाकरम,
धूम्रलोचन भयविमोचन
भुवनपति गणनायकम,
दुःख-दुविधा राग पूरित
मनस के दूषण क्षरो |
प्रार्थना सुन लो प्रभो हे अब जगत से तम हरो |
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आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
छत्तीसगढ़

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