जय गणेश गणपति गणराज होती सर्वप्रथम पूजा
बल बुद्धि ज्ञान दाता तुम नहीं कोई जग मे दूजा
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चढे पान फूल फल तुम पर खाते लड्डू मोतीचूर
आस पूर्ण हो सब भक्तों के सबके दुख करते दूर
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पार्वती के लाडले तुम शिव शंकर के दुलारे
रिद्धि सिद्धि संगिनी शुभ लाभ आंखों के तारे
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कर प्रदक्षिणा माता पिता के प्रथम पूजाये जग में
आने ना देना संकट कभी भगवन भक्तों के मग में
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भाव न जानू भक्ति न जानू फिर भी तुम्हें मनाऊं
सेवा करूं निशदिन देवा चरणों पे मांथ नवाऊं
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आचार्य तोषण
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
४९१७७१
चलितभाष
९६१७५८९६६७
बल बुद्धि ज्ञान दाता तुम नहीं कोई जग मे दूजा
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चढे पान फूल फल तुम पर खाते लड्डू मोतीचूर
आस पूर्ण हो सब भक्तों के सबके दुख करते दूर
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पार्वती के लाडले तुम शिव शंकर के दुलारे
रिद्धि सिद्धि संगिनी शुभ लाभ आंखों के तारे
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कर प्रदक्षिणा माता पिता के प्रथम पूजाये जग में
आने ना देना संकट कभी भगवन भक्तों के मग में
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भाव न जानू भक्ति न जानू फिर भी तुम्हें मनाऊं
सेवा करूं निशदिन देवा चरणों पे मांथ नवाऊं
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आचार्य तोषण
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
४९१७७१
चलितभाष
९६१७५८९६६७
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